विदेशी कंपनियों की जेब में जा रहा किसानों की मेहनत का 'फल', केंद्र की नीतियों पर अखिलेश का हमला

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 उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री की टिप्पणियां इस चिंता पर केंद्रित है कि अंतरराष्ट्रीय कारोबारी घरेलू फल उत्पादन और व्यापार क्षेत्रों पर तेजी से कब्जा कर रहे हैं। उन्होंने हाल के रुझानों और विज्ञापनों को भारतीय बागवानी उद्योग के लिए 'विनाश का पत्र' बताया। उन्होंने कहा कि भाजपा के राज में खेती और बागवानी करने वालों को धोखा दिया जाएगा। अब फल का 'फल' भी विदेशी कंपनियां ले जाएंगी! उन्होंने कहा कि यह बदलाव कोई अचानक हुआ आर्थिक विकास नहीं है, बल्कि सत्ताधारी पार्टी की सोच को दिखाता है। उन्होंने कहा, असल में भाजपा की सोच व्यापारियों वाली है। वे न तो उत्पादन करना चाहते हैं और न ही विनिर्माण। ये ऐसे लोग नहीं हैं जो काम करके कमाते हैं, ये ऐसे लोग हैं जो बीच में से खाते हैं।

अर्थव्यवस्था को भाजपा ने बना दिया बिचौलियों का खेल मैदान

अखिलेश यादव ने भाजपा पर अर्थव्यवस्था को बिचौलियों का खेल का मैदान बनाने का आरोप लगाया है और दावा किया है कि सरकार का ध्यान सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) और कोर उद्योगों को सहयोग करने करने की बजाय 'सुविधा शुल्क' और 'कमीशन' इकट्ठा करने पर चला गया है। अखिलेश यादव बोले, यह 'बिचौलिया संस्कृति' भारत में महंगाई और बेरोज़गारी के दोहरे संकट का सीधा कारण है। उन्होंने कहा कि बिचौलियों के दखल से आखिरी उपभोक्ता के लिए कीमतें कृत्रिम तरीके से बढ़ जाती हैं।



पीडीए कार्यक्रम तेज कर रही सपा

अखिलेश बोले-घरेलू उत्पादन पर ध्यान की कमी का मतलब युवाओं के लिए कम नौकरियां होना है। उन्होंने कहा, जब देश में कोई काम ही नहीं होगा, तो लोगों को काम कहां से मिलेगा? उन्होंने कहा कि यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब समाजवादी पार्टी अपने पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) संपर्क पहुंच कार्यक्रम को तेज़ कर रही है और केंद्र की कॉरपोरेट-समर्थक नीतियों के खिलाफ ग्रामीण और कृषि हितों के मुख्य रक्षक के रूप में काम कर रही है। सपा प्रमुख ने कहा कि जब भाजपा जाएगी तभी खेती और बागवानी बच पाएगी!