गिधौरी में बदहाल सड़कों को लेकर ग्रामीणों का चक्काजाम, विधायक कविता प्राण लहरे सड़क पर बैठीं.....

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बलौदाबाजार। बिलाईगढ़ विधानसभा के गिधौरी क्षेत्र में सड़कों की जर्जर हालत अब आम जनता के लिए गंभीर समस्या बन चुकी है। बार-बार शिकायतों के बावजूद सड़क मरम्मत नहीं होने से नाराज ग्रामीणों ने बुधवार को मुख्य मार्ग पर चक्काजाम कर दिया। इस विरोध प्रदर्शन में क्षेत्रीय विधायक कविता प्राण लहरे भी शामिल हुईं और सड़क पर बैठकर सरकार की नीतियों व प्रशासनिक निष्क्रियता के खिलाफ विरोध जताया।

धूल और गड्ढों से परेशान जनता

प्रदर्शनकारियों ने बताया कि गिधौरी और आसपास की सड़कें पूरी तरह उखड़ चुकी हैं। जगह-जगह बने गहरे गड्ढों के कारण आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। भारी वाहनों के आवागमन से उड़ने वाली धूल ने स्थानीय लोगों का जनजीवन प्रभावित कर दिया है। ग्रामीणों का आरोप है कि लोक निर्माण विभाग (PWD) और शासन को कई बार ज्ञापन सौंपे गए, लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन ही मिला, जमीनी स्तर पर कोई काम नहीं हुआ।

विधायक ने सरकार पर साधा निशाना

चक्काजाम में शामिल विधायक कविता प्राण लहरे ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि नई सरकार के आने के बाद विकास कार्य ठप पड़ गए हैं। उन्होंने कहा, “जनता धूल फांकने को मजबूर है और सरकार कुंभकर्णी नींद में सोई हुई है। गिधौरी की यह सड़क सिर्फ एक मार्ग नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र की जीवनरेखा है। इसकी अनदेखी करना यहां की जनता के साथ सौतेला व्यवहार है। जब तक सड़क निर्माण का ठोस काम शुरू नहीं होता, हमारा आंदोलन जारी रहेगा।”

घंटों बाधित रहा यातायात

चक्काजाम के कारण गिधौरी मार्ग पर ट्रकों और बसों की कई किलोमीटर लंबी कतार लग गई। राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि ग्रामीणों का कहना था कि आंदोलन के बिना बहरी सरकार तक अपनी बात पहुंचाना संभव नहीं है। मौके पर पहुंचे पुलिस प्रशासन और तहसीलदार ने प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण लिखित आश्वासन और कार्य शुरू होने की स्पष्ट समय-सीमा की मांग पर अड़े रहे।

प्रशासनिक आश्वासन के बाद खुला जाम

काफी देर तक चले हंगामे के बाद संबंधित विभाग के अधिकारियों ने सड़क मरम्मत का कार्य जल्द शुरू कराने का लिखित आश्वासन दिया। इसके बाद चक्काजाम समाप्त किया गया।
विधायक कविता प्राण लहरे ने चेतावनी दी कि यदि तय समय-सीमा में काम शुरू नहीं हुआ तो इससे भी बड़ा और उग्र आंदोलन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।